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Poem · Inspirational

।।आँगन की कली ।।

by Rashmi Kulwant Chawla ✓ · 26 Feb 2019

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बदलना है यदि समाज । तो कंठस्थ करलो यह बात ।। मत मुझे बढ़ने से रोको। वक्त है, अपने बेटों को टोको ।। मत मानो बेटों को, इतना

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