by Swechchha Tomar ✓ · 19 Aug 2018
'कांपती पत्ती गुलाब की, यूँ अधरों को में रूप देता, फिर सिखा तुझे नाम अपना, तुझसे नया सा सुन लेता।' एक खुबसूरत कविता।
Loading comments…
Loading comments…