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चुपके से
Poem · Others

चुपके से

by Sandeep Gupta ✓ · 18 May 2019

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चुपके से आती है गरमी, चुपके से आती है सर्दी, टिप-टिप टप-टप जो शोर मचाती, बरखा वो, आती है अब चुपके से ।

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