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#dark
5 poems
डार्क काफी
Divya Rathour · 1 min read · 3.1K reads
मेरे व्यक्तिव का रंग कुछ ऐसा गहरा काफी के ऐस्प्रेनो जैसा मेरे व्यक्तिव का रंग कुछ ऐसा।
Abstract
एक रूप नया पाई थी
Kumar Ritu Raj · 1 min read · 201 reads
दुनिया की एक रूप नई पाई थी एक रूप नई पाई थी।
Romance
एक रात का किस्सा
Aaryan Chandra Prakash · 2 min read · 13.6K reads
"मैं अक्सर जब लिखने बैठता हूँ,वह मेरे साथ बैठ जाया करती है.दीदी,मेरी छोटी बहन.मैं कुछ लिखता हूँ और वह कुछ पूछती है.यह सिलसिला चलता रहता है और कुछ नया निकल आता है,इस नयेपन का हम दोनों हिस्सा होते है.आइये एक नवीन हिस्से से आपको रु-ब-रु करवाएं"
Drama
लाल सलाम (सीधी बोली)
Shubham Srivastava · 2 min read · 899 reads
अगर देश को प्रगतिशील बनाना है तो कंधे से कंधे मिलकर चलना होगा।
Abstract
अंधेरा
Lajita Nahak · 1 min read · 396 reads
जब दुनिया की भीड़ में खुद को अकेला पाओगे तो तुम भी आकर रोओगे उसी अंधेरे कमरे में।
Abstract