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#journalisticvalues
8 poems
पत्रकारिता
Himanshu Sharma · 1 min read · 239 reads
मुर्दा ख़बरों ने ज़मीर को जकड़ के है रखा, ये मुर्दा खबरें ज़हन में हर ज़िंदे के बैठी ह
Abstract
नैतिक मूल्य
Shailaja Bhattad · 1 min read · 7.1K reads
ईमानदारी और इज़्ज़त को , सर्वोपरी रखा है इसीलिए बेइमानी ने , कभी गला नहीं कसा है।।
Drama
इंसानियत
Sadhna Shrivastava · 1 min read · 14.3K reads
घटते हुए नैतिक मूल्य से इंसानियत शर्मसार हो रही है, इन्ही भावो को समेटे हुए मैंने इस कविता की रचना की है...
Others
श्राद्ध का खाना
Swati Grover · 2 min read · 219 reads
मुझे नहीं खाना न मुझसे खाया जाना यह श्राद्ध का खाना।
Classics
बुआ- भतीजी संवाद
Rashi Saxena · 2 min read · 996 reads
बुआ बोली भतीजी से- " २० वर्ष पहले तुझसे इस घर में थी मैं आई।"
Inspirational
प्रश्न चिन्ह
Uma Bali · 1 min read · 473 reads
पर जन जन को चेताना होगा ! आगे कदम बढ़ाना होगा !
Abstract
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