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Poem · Others

-: जरा बात अलग है: -

by Prakash Yadav Nirbhik ✓ · 21 Jun 2017

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इस शहर के लोगों की जरा बात अलग है मिलते हैं सब ईद गले पर जात अलग है   ईदगाह में इबादत और मंदिर में है पुजा दुनिया में भारत का ये सौगात अलग है

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