Story
Mirror
Home
Stories
Poems
Quotes
Series
Library
Write
English
हिन्दी
বাংলা
ગુજરાતી
मराठी
ଓଡ଼ିଆ
தமிழ்
తెలుగు
ಕನ್ನಡ
മലയാളം
120
Log in
Sign up
#khayal
2 poems
जज्बात
Shailaja Bhattad · 1 min read · 11.5K reads
तेरी कलम की स्याही बन। तेरे खयालों को उकेरती हूं ।
Romance
फिर से
Navneet Pandey · 1 min read · 13.9K reads
मेरा आज फिर मेरे कल से मिलने चला है! फिर से यादों का एक कारवाँ सा बनता जा रहा है! क्या खोकर क्या पाया है इसकी समीक्षा तो नामुमकिन ही है लेकिन बयां करने में ही हँसने रोने का एक क्रम लगातार जारी है! शायद यही जीवन है खट्टी मीठी यादों से भरा एक सफर, जो फिर शब्दों को सारथी बनाकर अनवरत गतिमान हो रहा है...
Inspirational