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Poem · Others

खबर ही नहीं ...

by Nikhil Sharma ✓ · 18 Jun 2017

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जाने कैसे किसी के इतना करीब गया जो शीशे की तरह मैं टूट गया दूसरों को खुद में झाँकने का पूरा मौका दिया और खुद के हाल की खबर ही नहीं ...

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