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Poem · Drama

ख़बरदार

by Sharique Imbesat ✓ · 11 Aug 2017

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ये कहानी है एक परिंदे की जो सारे जंगल में ख़बर फैलाया करता था। तभी नई सरकार आती है और ख़बर देने वाले परिंदे को ख़ामोश कर देती है। एक आज़ाद मीडिया के जाने पर क्या होता है उसी पर है ये कविता।

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