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Poem · Abstract

"मैं औरत हूँ"

by प्रियंका दुबे 'प्रबोधिनी' ✓ · 24 Apr 2019

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मुझे महज एक वस्तु मत समझना व्यंग बाणों का घातक प्रहार भी सहती हूँ। खिलौना नही हूँ मैं!

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"मैं औरत हूँ" · StoryMirror