Story
Mirror
Home
Stories
Poems
Quotes
Series
Library
Write
English
हिन्दी
বাংলা
ગુજરાતી
मराठी
ଓଡ଼ିଆ
தமிழ்
తెలుగు
ಕನ್ನಡ
മലയാളം
120
Log in
Sign up
#mehnat
3 poems
"ख"
Nikhil Sharma · 1 min read · 6.6K reads
"ख" से ही बनी वो "खंजर" जो पीठ में घोंपे जाते हैं ||"ख" से ही होती हैं वो "ख़ुशियाँ" जिन्हें पाने को मेहनतकश कुछ भी कर जाते हैं ||
Others
परिश्रम से सफलता तक
priyanka tomar · 1 min read · 11.3K reads
जितना कठिन परिश्रम उठाओगे उतना नरम सफलता का फल खाओगे!
Inspirational
श्रम धनी
Anita Sharma · 1 min read · 230 reads
व्यर्थ ही लगती बातें निरर्थक लगते सब कानून जब आज भी श्रम धनी,वही किल्लत झेल रहा।
Abstract