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#moonnight
68 poems
चाँद और रात
pritam Karandikar · 1 min read · 1.4K reads
भूल मत पर रात तो खुद एक टीका है, वो चाँद ही है जिसे लगता है ग्रहण...!
Drama
चँदा मामा
deepak sirvi · 1 min read · 13.6K reads
चँदा मामा प्यारे मामा...
Drama
चार दिन की चांदनी पांचवी रात
Yash Chandola · 1 min read · 1.5K reads
और इसी तरह चार दिन की चांदनी के बाद मेरी पांचवी रात फिर रह गयी अंधेरी ?
Drama
पिया चाँद से बैर हुआ
Harsh Singh · 1 min read · 299 reads
किसी और दिन तुम देना मुझे धमकी चाँद रौशन हुआ तुम खोलो तो खिड़की।
Drama
एक रात का किस्सा
Aaryan Chandra Prakash · 2 min read · 13.6K reads
"मैं अक्सर जब लिखने बैठता हूँ,वह मेरे साथ बैठ जाया करती है.दीदी,मेरी छोटी बहन.मैं कुछ लिखता हूँ और वह कुछ पूछती है.यह सिलसिला चलता रहता है और कुछ नया निकल आता है,इस नयेपन का हम दोनों हिस्सा होते है.आइये एक नवीन हिस्से से आपको रु-ब-रु करवाएं"
Drama
चाँद-तारों की महफ़िल
Shamim Shaikh · 1 min read · 218 reads
क्यूँ करे तलाश मितवा कोई जब खुद चाँद-तारे ही बहलाते हों दिल !
Abstract
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