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Poem · Abstract

मुशायरा

by EK SHAYAR KA KHAWAAB ✓ · 2 Nov 2020

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मुझे मेरी उदासी से दूर रहने दो। उब गया हूँ मोहब्बत करके अब दो पल इससे दूर रहने दो।

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मुशायरा · StoryMirror