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#prerna
2 poems
सेवा ....
Nikhil Sharma · 1 min read · 6.8K reads
अपने विचारों से दे सको तुम सबको प्रेरणा|जड़ को जागृत कर सको, ऐसी हो तुम में संवेदना ||परहित रखो सर्वोपरि, निष्पाप तुम बढ़ते रहो|कर्म के रथ पर हो सवार, लगातार तुम चलते रहो||
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मेरा स्वाभिमान
Anita Sharma · 1 min read · 376 reads
रिहा खुद को किया आज मैंने उन कुरीतिओं से...जो करती थीं घात।
Inspirational