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Poem · Abstract

परेशां तितली

by अनूप बसर ✓ · 22 Oct 2020

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मेरी मौत के बाद आंसू मत बहाना कोई, मैं खुद को इस ज़माने से पहले ही मार चुकी हूँ।

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परेशां तितली · StoryMirror