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#rakhi
9 poems
बहन तुम मुझे इस बार राखी न बांधना
Dharm Dharm · 2 min read · 13.8K reads
एक भाई का अपनी बहन से निवेदन की वो उसे इस बार राखी न बांधे. क्योंकि वो अपने भाई होने का फर्ज ठीक से अदा नहीं कर सका है. साथ ही उसकी वजह से उसे भेदभाव भी सहना पड़ा.
Comedy
राखी
नवल पाल प्रभाकर दिनकर · 1 min read · 1.2K reads
तुम हमेशा खुश रहो, राखी भले ही बहन मेरी कच्चे धागे की हो ।
Drama
राखी
Swapnil Singh · 1 min read · 1.4K reads
पर वो कलाई पकड़ मै अब ना आयेगी राखी पर उपहारों की लड़ी अब ना आयगी
Drama
कमल तेरी फ़िजूल कलम से
Vikram Singh Negi 'Kamal' · 1 min read · 7.6K reads
फिर बहन बोली छोड़ो भाई कल तो रक्षा बन्धन है आओ कल दिन हमारा है और बेवजह यह रूदन है ।।
Drama
रक्षाबंधन :बहिन का कवच
सतीश कुमार · 1 min read · 1.6K reads
एक वचन जो अनमोल रत्न,, बस ! उसी को तो वो जानती हैं।।
Drama
राखी और समाज
Himanshu Sharma · 1 min read · 40 reads
स्त्री हो किसी रूप में, बिना इनके आदमजात सूना है!
Inspirational
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