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#reallife
9 poems
"शहंशाह" - एक सबक
Negi India · 1 min read · 13.8K reads
हुआ कुछ यूँ कि,वो अमीरी पर डाका डाल गया
Others
काल की कोठरी
Negi India · 1 min read · 7.1K reads
काल के क्रोध में,काल के कोप में,
Comedy
कपिल शर्मा
Negi India · 1 min read · 6.4K reads
सैलाब-ए-मंज़र तब भी, आज भी-2तू आंसुओं का रुकना तो न बदल सका ए दोस्त,फरिश्ता-ए-ख़ुशी तूने कारण ज़रूर बदल दिये।
Others
दिल कर रहा है
Prerna Kumari · 1 min read · 13.6K reads
क्या आपको कभी ऐसा लगता है कि काश हम छोटे होते? क्या कभी अचानक से आपको वो पल याद आते हैं जब आपकी माँ आपको लोरियाँ सुनाया करती थी? क्या कभी ऐसा हुआ है कि रात में अचानक से आपकी नींद टूट जाए और आप अपनी माँ को याद कर रोते रहें ? कुछ ऐसे ही पलों को मैंने शब्दों में संजोया है और एक कविता के ज़रिए अपनी भावनाओं को प्रस्तुत किया है। आशा है आप सभी को मेरी यह कविता बेहद पसंद आएगी।
Inspirational
हाँ मैंने देखा है
Monika Rajput · 4 min read · 22.7K reads
मैंने विरासत में करोड़ो पाने वालो को, छिपने में सुकून महसूस करते देखा है| मैंने देखा है,
Inspirational
बही-खाता
Manu Chandak · 1 min read · 14.5K reads
It's an attempt to fill data entries from birth to death in a ledger of life just the way its done at the end of a financial year. It doesnt have any kines or statements but just the entries.
Inspirational
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