Story
Mirror
Home
Stories
Poems
Quotes
Series
Library
Write
English
हिन्दी
বাংলা
ગુજરાતી
मराठी
ଓଡ଼ିଆ
தமிழ்
తెలుగు
ಕನ್ನಡ
മലയാളം
120
Log in
Sign up
Loading…
StoryMirror - Read, Write, Share & Repeat
#releasethegrief
232 poems
ए जिंदगी
Nitu Mathur · 1 min read · 441 reads
ए ज़िन्दगी, खुल के गले लगा अब मुझे हंसते आंसू की ये गुनगुनी धार पार कर..।
Classics
हाले ज़िन्दगी..।।
TRA_ veller · 1 min read · 150 reads
यह ज़िन्दगी है यारों, यहां रोज़ लगता एक मेला है।
Others
अर्पण कुमार की कविता 'केंद्र'
Arpan Kumar · 1 min read · 6.6K reads
A poem about changing the centres
Classics
ख़ुदकुशी
Sujit Kumar · 1 min read · 13.9K reads
एक हतप्रभ करने वाला खबर था, किसी पिता को बुखार में तपते बच्चे को हाथ में लिए बड़े बड़े अस्पताल से लौटा दिया जाता, बच्चे की मौत माँ बाप के जीने की उम्मीदों को तोड़ देती और वो खुदखुशी कर लेते ! ये एक शहर की खबर मात्र बन गुम हो सकती लेकिन मानवता के लिए कलंक, की हम ऊँची ऊँची अट्टालिकाओं और विलासिता की होड़ में कैसी दुनिया बनाना चाहते ? इसी संदर्भ पर कुछ महसूस हुआ .. एक कविता
Others
कुछ रूप ज़िन्दगी के
महेश 'ज्योति' · 1 min read · 230 reads
जिन्दगी फासला है मंजिल का, जिसको तय करते उम्र कट जाती।
Inspirational
कोरोना और दुनिया
Javed Ali · 1 min read · 11.8K reads
महामारी जो आज है पूरी दुनिया में फैली... उसे हम सबको मिलकर है हराना है !
Inspirational
Loading…
Next page →