Story
Mirror
Home
Stories
Poems
Quotes
Series
Library
Write
English
हिन्दी
বাংলা
ગુજરાતી
मराठी
ଓଡ଼ିଆ
தமிழ்
తెలుగు
ಕನ್ನಡ
മലയാളം
120
Log in
Sign up
#rivavalofjagjitsinghji
262 poems
जगजीत
Nirav Rajani "शाद" · 1 min read · 169 reads
"शाद" आज हर घरमें अमर जगजीत है।
Abstract
श्रीमद्भागवत -१०४; गंगा जी का विवरण और भगवान शंकरकृत संकर्षणदेव की स्तुति
Ajay Singla · 3 min read · 292 reads
उस छिद्र से ब्रह्माण्ड के बाहर को निकली थी फिर जल की धारा।
Classics
परेशान
Sanket Singh · 1 min read · 14.1K reads
यूँ एक खाली अथाह से मैदान में, कैसे जानू मैं? मार्ग सीधा है, या कोई मोड़ है? पदचिन्ह इतने सामने, हर दिशा को जाते, क्या ख़ुद को प्रदर्शक समझूँ , और ख़ुद को ही पथिक? इस यात्रा का क्या उद्देश्य है?
Others
भगत सिंह की चोले की अभिलाषा
Ashutosh Atharv · 1 min read · 15.4K reads
हूँ इंतज़ार में, और एक अभिलाषा छुपी मेरे अंदर जब ‘फिर’ भगत की टोली आए शौक़ से मेरे दर पर...!
Drama
भगतसिंह
Paramita Mishra · 2 min read · 7.2K reads
जब नाम आये राष्ट्र भक्तों का, ए भगतसिंह तू रहे सबसे आगे, तू रहे सबसे आगे...!
Drama
श्रीमद्भागवत -१००; भरत जी के वंश का वर्णन
Ajay Singla · 2 min read · 204 reads
शुकदेव जी कहें, हे राजन भरत जी का पुत्र सुमति था!
Classics
Loading…
Next page →