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#shashankshayarinazmgazal
120 poems
रात और अनकही कहानी
Shashank Shukla · 1 min read · 6.7K reads
सुनो कुछ दूर और साथ निभा लो पास ही किनारा है...
Romance
मेरी महफ़िल,नज़्म और तुम
Shashank Shukla · 1 min read · 7K reads
वो भी अश्कों को बाँध मंच से वापस चला गया और लोग भी हीर रांझा में खो गए....
Romance
ख़त से उम्र क़ैद तक
Shashank Shukla · 1 min read · 1.3K reads
तमाम ख़त जो उसने कभी मुझे लिखे वो कोरे के कोरे ही रहते थे..
Others
मुहब्बत का हमने जाम ले लिया !
Shashikant Shandile · 1 min read · 7.2K reads
एक ग़ज़ल...।
Drama
एक ग़ज़ल
Ratna Kaul Bhardwaj · 1 min read · 7K reads
ऐसा नहीं ज़ख़्म हमने नहीं खाये हैं यह तीर हमने अपनों से ही खाये हैं...
Drama
ग़ज़ल
Masum Modasvi · 1 min read · 1.3K reads
नजरें मिला के मासूम वो मुस्कुरा रहे हैं, तकमिल हो गये हों सब अपने ख्वाब जैसे।
Drama
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