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#sitadurga
7 poems
सीता को अब माँ दुर्गा बनना होगा
Anita Jain · 1 min read · 7K reads
वान बना ये मानव देखो कामान्ध हो बन बैठा सर्प विशैला दंष दिया डस लिया नारी देह को समझ खिलौना खेला जी भर और तोड़ दिया मरने को छोड दिया जब-तब किया वार अस्मत पे उसकी
Others
रामायण ६६ ;श्री राम द्वारा सीता का त्याग
Ajay Singla · 3 min read · 81 reads
एक धोबी कहे अपनी स्त्री को चली जा, अब नहीं तेरा ये घर ।
Classics
तुम्हारी सोच से जकड़ा मैं राम
Mens HUB · 1 min read · 229 reads
अनंत आदी काल का मैं राम कलयुग में पुरुषार्थ और पुरुषोत्तम से बंधा, मैं राम!
Tragedy
मिथिला कुमारी
Anu Chatterjee · 2 min read · 592 reads
लौटी लंका से जिस मर्यादा के संग, एक स्त्री के संघर्ष के परिचय में बदल गया।
Tragedy
मातृशक्ति
Mamta Rani · 1 min read · 360 reads
मातृशक्ति हो माँ तुम ही तुम ही सारा संसार हो!
Abstract
नौ देवी रूप
Tinku Sharma · 1 min read · 294 reads
करे नर नारी सच्चे मन से जाप तुम्हारा, जीवन भर धन दौलत का वो भंडारी हो।
Classics
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