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#sita
5 poems
सीता को अब माँ दुर्गा बनना होगा
Anita Jain · 1 min read · 7K reads
वान बना ये मानव देखो कामान्ध हो बन बैठा सर्प विशैला दंष दिया डस लिया नारी देह को समझ खिलौना खेला जी भर और तोड़ दिया मरने को छोड दिया जब-तब किया वार अस्मत पे उसकी
Others
रामायण ६६ ;श्री राम द्वारा सीता का त्याग
Ajay Singla · 3 min read · 81 reads
एक धोबी कहे अपनी स्त्री को चली जा, अब नहीं तेरा ये घर ।
Classics
तुम्हारी सोच से जकड़ा मैं राम
Mens HUB · 1 min read · 229 reads
अनंत आदी काल का मैं राम कलयुग में पुरुषार्थ और पुरुषोत्तम से बंधा, मैं राम!
Tragedy
मिथिला कुमारी
Anu Chatterjee · 2 min read · 592 reads
लौटी लंका से जिस मर्यादा के संग, एक स्त्री के संघर्ष के परिचय में बदल गया।
Tragedy
रावण
Deep Panchal · 2 min read · 13.5K reads
The unknown story of a vigilant worrier, worshiper of lord Shiva and the king of Lanka, RAVANA
Classics