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#tyag
3 poems
श्रीमद्भागवत -१२१; बृहस्पति द्वारा देवताओं का त्याग
Ajay Singla · 3 min read · 427 reads
राजा परीक्षित ने पूछा भगवन किस कारण त्याग किय था देवाचार्य बृहस्पति जी ने।
Classics
रामायण ६६ ;श्री राम द्वारा सीता का त्याग
Ajay Singla · 3 min read · 81 reads
एक धोबी कहे अपनी स्त्री को चली जा, अब नहीं तेरा ये घर ।
Classics
विजयरथ
Nikhil Sharma · 1 min read · 7K reads
विजयतिलक उसी का है, जो बढे स्वार्थ त्याग कर ||अंतर्मन में जो तू ज्ञानदीप जगा सके |प्रकाश मन में वो करे, जो मन तमस हटा सके ||वो महानता किस काम की, जो पौरुष न दिखा सके |वो शक्ति भी व्यर्थ है, सहस जो न जुटा सके ||
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