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#कब
17 storys
सोचता हूँ कह दूँ
Rudra Singh · 1 min read · 373 reads
तुम्हारे इन इशारों को समझता हूँ मगर, खुद भी कहने से डरता हूँ।
Romance
आखिर कब तक
Upma Sharma · 5 min read · 14.3K reads
फिर उसके कदम चल पड़े थे पार्क की ओर। उसकी एक झलक देखने के लिए वो व्याकुल हो जाता था। ऐसा नहीं था कि वो बहुत खूबसूरत थी बस एक अजीब सी कशिश थी उसके सांवले -सलौने चेहरे में। परियों सी सफेद शिफान की साड़ी जिस पर चमकदार जरी का बार्डर। माथे पर छोटी सी सफेद बिंदिया, नाक में छोटी सी नथुनिया, करीने से लगा लिप लाइनर, कानों में छोटी छोटी सी मोती की बालियां, मांग में दिपदिपाती सिंदूर की लाल रेखा, बड़ी -बड़ी सी कजरारी आँखें जिनमें उदासी की नामालूम सी परत घुली होती। किसी परी के होने का गुमां सा लगता था।
Drama
संकुचित दायरे
Vandana Bhatnagar · 3 min read · 245 reads
आपका बेटा भी तो कई -कई दिन घर से बाहर रहता है आपने उससे तो कभी नहीं पूछा कि कहां गुलछर्
Children Stories
शो पीस
Swati Roy · 2 min read · 309 reads
समर भावशून्य सा घर की दीवार पर सजी कठपुतली को देखता रहा।
Tragedy
दुनिया के नाम सन्देश
Ajarudeen khan · 1 min read · 241 reads
बड़ा अनमोल रे, इसे घूमने में मत घोले रे।
Abstract
ताऊ, ताई और मैं
हिमांशु द्विवेदी · 12 min read · 7.7K reads
तो इस तरह पिछले चौबीस घंटे नए नवेले ताऊ ताई के साथ बिताकर काफी अलग महसूस कर रहा था
Comedy
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