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#तब
6 storys
लीकींग
DR ARUN KUMAR SHASTRI · 6 min read · 197 reads
मैं तबसे एक दम नार्मल इंसान नो लिकिंग नो बेड वेटिंग आल लव आल लव सिर्फ।
Romance
डिजिटल भी और सिंगल भी
Ajay Amitabh Suman · 7 min read · 707 reads
अँधेरा क्या होता है , ये सत्यकाम बताना भी मुश्किल था। चारो तरफ प्रकाश हीं प्रकाश। एक तो लाइट जाती नहीं। जाती भी है तो तुरंत आ जाती है। उपर से इन्वर्टर। पता हीं नहीं चलता, क्या दिन, क्या रात।
Children Stories
आजादी: तब और अब
Harish Bhatt · 2 min read · 144 reads
फांसी के फंदे पर हंसते-हंसते झूल गए तो सीने पर गोलियां खाने लगे।
Abstract
चला जाउंगां दूर बहुत मैं तुमसे लेकिन
Anshul Jain · 1 min read · 21.3K reads
भावुकता की महानदी में, डुबकी साथ लगाई हमनें एक कलम से कविता लिखकर, भरे कंठ से गाई हमने पोछे आसूँ इक दूजे के, भरी दर्द की खाई हमने तब जाकर रिश्तों की गरिमा क्या होती है, पाई हमने
Abstract
"उधारी वसुली"
Devaram Bishnoi · 1 min read · 313 reads
आओ हम सबअहिंसा का सिद्धांतअपनाते हैं। हम सब ऐसे मिलकर दुनिया को स्वर्ग बनाते हैं।
Inspirational
पुन्या
Shelly Kiran · 12 min read · 14.4K reads
"तेरा नां की ऐ" कुछ संयत होकर कुलतार ने पूछा। अनियंत्रित उखड़ी साँस में पुन्या सब सुना गई। उसके जीवन का हर कड़वा अनुभव। कुलतार चुप सुनता रहा, बिना उससे नज़र मिलाये, वह पुन्या की आँखों में आत्मग्लानि नहीं देखना चाहता था। और यह भी चाहता था कि वो सब कहकर बोझमुक्त भी हो जाये। छोटे बच्चे की तरह वह उसकी पीठ सहलाकर साथ होना आश्वासित करता रहा। बात खत्म कर पुन्या हिचकियों में डूब गई।
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