- रवानगीPratiman Uniyal · 13 min read · 14.6K readsअपना बरसों पुराना बैग और अपनी चिरपिरचित मुस्कान ओढ़े बॉस के कमरे में गये और हमेशा की तरह कहा, राईट मैडम, अब जाने की परमिशन दीजिए। आज कॉन्टेक्ट की बजाए चश्मा लगा रखा था उन्होने। बॉस ने बिना निगाह ऊपर उठाए कहा ठीक है, ऑल द बेस्ट। लगा कि उनके चश्में के नीचें से कुछ बूंदे ढलक रही है। शायद मन का वहम था।Others
- विचारों का दीपVishal Kumar · 3 min read · 14.3K readsमैंने अपने पुत्र को समझाया “ बेटा हम यंहा एक सदभाव से आए है. हमारा व्यव्हार किसी बाहरी व्यक्ति के बहकावे से क्यों भड़कने लगा, संसार का कोई भी व्यक्ति हमारे भीतर के भलेपन को कैसे रौंद सकता है. हम साधु और बिच्छू की वो कथा क्यों भूल जाते है ,जिसमे बिच्छू के बार-बार डंक मारने के पश्चात् भी साधु ने अपनी अच्छाई का, अपनी इंसानीयत का, अपने मानव धर्म का दामन नही छोड़ा.तो फिर हम जरा सी बात पे अपने आप को, अपने व्यव्हार को अपने अन्दर के भोलेपन को क्यों बदल देते है.
Inspirational
- मटकाTwinckle Adwani · 2 min read · 7.8K readsएक लघुकथा...।Drama
- चमत्कारAshish Kumar Trivedi · 2 min read · 7.7K readsबन्दर और इंसान के शरीर की अदला - बदली हो जाए तो क्या होता है ? आइए पढ़ते हैं यह किस्सा !Drama
- प्राणी एक पानी की बूंदPiyush Kumar Garg · 1 min read · 7.7K readsप्राणी एक पानी की बूंद की तरह है,
जो बनती है और
ऑटोमेटिक नष्ट हो जाती है।Drama
- बेचैनीGaurav Sharma · 1 min read · 706 readsवो अटखेलियां लगाते हुए पत्थरों से टकराना, कभी अचानक सहम जाना, कभी तेज़ी से बह निकलना।।
आज उसकी भी आँखों में नींद नहीं होगी..Drama
Loading…