#IT'SALLABOUTHUMANITY.......
23 storys
- आत्मग्लानिSahil Tanveer · 8 min read · 1.2K reads
अजनबी है !! कहीं से भूल-भटककर आया होगा। परन्तु, इसे तो गाँव में जाना चाहिए। यहाँ इस बाज़ार में कौन रहता है ,दिन में थोड़ी-बहुत चहल-पहल और रात की डरावनी सन्नाटा के अलावा। ये गांव जाकर मज़दूरी भी कर सकता है ,पर इसे काम देगा कौन.......? आजकल गाँव में चोर/डाकुओं का हो हल्ला है , हो सकता है यह चोरों का भेदी हो ! यहाँ इसकी झूठ भी नहीं चल सकती....... ,क्यूंकि , गाँव के हर एक चेहरे जाने-पहचाने होते हैं। परन्तु, कम से कम एक बार इसे कोशिश तो करनी चाहिए ,..लगता है ये आलसी भी है -- यह सोचते-सोचते वह कब मेरे नज़रों से ओझल हो गया कुछ पता न चला।
उसके बंद मुट्ठी में रोटी बहुतेरे सवाल कर रही थी। वह ना मेरा चिर-परिचित था और ना ही कोई रिश्तेदार परन्तु मानवीयता अपने चरम सीमा पर जागृत थी। उसके अकड़ू शरीर को देखकर और मौत की भयावह परिस्थिति को कल्पना कर दिल काँप उठा, आँखों में नमी आ गयी।
पर जो बात सबसे ज्यादा खाए जा रही थी वो ये की इसकी पहचान संदिग्ध रह गयी थी ..........Action
- घमंडीAshish Kumar Trivedi · 1 min read · 21.8K readsएक लघुकथा...।Drama
- जूतेManish Khandelwal · 2 min read · 8.6K readsशहर बड़ा हो गया था, दुकाने बड़ी हो गई थी, बच्चे बड़े हो गए थे और इंसानियत का स्वर्गवास हो चुका था।Drama
- आनन्द और बूढ़ी अम्माPramod Bhandari · 3 min read · 8.1K readsरोज की तरह पनवेल से सीएसटी वाली लोकल ट्रेन में भीड़ भाड़, धक्का मुक्की और शोर गुल था। भेड़ बकरियों की तरह फंसे हुए, धंसे हुए औरDrama
- आने वाला समयAshish Kumar Trivedi · 1 min read · 2K readsबेटा ना बीता कल बहुत अच्छा था और ना आज बहुत खराब है। गैरों ने ही सही पर वर्मा जी को किसी ने सहारा दिया है ना। अच्छाई और...Drama
- एक बंधन.. पक्षपात से परेNitu Mathur · 5 min read · 287 readsतेज़ चमकती सूरज की रोशनी हॉस्पिटल के कमरे को चीरती हुई उसके घर के कमरे तक आ रही थी.Inspirational
Loading…