by Anwar Suhail ✓ · 31 Aug 2017
‘ठीकेदारिन कहते हैं उसे मज़दूर-रेज़ा, नेता-परेता। ठाठ तो देखिए...ठाड़े-ठाड़े गरियाती है लेबरों, अफसरों और मउगे नेताओं को। नेता, अफसर, ठेकेदारों के बीच उठती-बैठती और क्या जाने दारू-मुर्गा भी खींचती है।
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