- मां की ममताSyed Raja · 1 min read · 95 readsआम के पेड़ पर एक सुरीली नाम की चिड़िया रहती थी।Children Stories
- कहीं जाने की जरूरत नहीं है बहुSwati Roy · 4 min read · 454 readsसुबह का भूला अगर शाम को घर लौटे तो उसे भूला नही कहतेDrama
- माँ के हाथों के परांठे और पिताजी के तानों की कशमकशRishi Raj Singh · 4 min read · 14.8K readsमाँ के प्रेम में तो फिर भी कोई ख़ास कमी नहीं आई थी, हाँ कभी-कभार चप्पल, बेलन, वाईपर नामक हथियारों से मेरी सुताई हो जाया करती थी। परन्तु पिताजी जिन्होंने मुझ पर आज तक हाथ नहीं उठाया उनके वो शुल की भाँती चुभते शब्द– निकम्मा, कामचोर, गधा, अक्ल से पैदल, ढक्कन और न जाने क्या-क्या मेरे सीने को छलनी कर देते।Fantasy
- मै बनूँगी यशोदाVarsha Sharma · 5 min read · 312 reads"माजी मैं बनूंगी यशोदा आप बच्चे को घर लाने की तैयारी करें,!Inspirational
- अम्मीSahil Tanveer · 9 min read · 15.4K readsचूँकि, अम्मी एक सभ्य समाज की सभ्य औरत भी है , उसे पता है मान-मर्यादा,इज़्ज़त किसको कहते हैं। उसे बताया गया कि एक अच्छी बहू किस तरह की होती है। उसे यह भी बताया गया कि ससुराल की बातों को नैहर में बताया नहीं करते।
चूँकि, अम्मी धार्मिक है। फ़रिश्ते आये थे रूह कब्ज़ करने , लेकिन अम्मी के ज़ेहन में सिर्फ और सिर्फ हमारा चेहरा था। हमारे परवरिश की चिंता थी। बताते हैं कि वह हमारे वज़ह से खुदा से और चाँद साँसें मोहलत की मांग ली।Inspirational