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28 storys
सत्यव्रत
Chandresh Chhatlani · 2 min read · 7.6K reads
लेकिन यह क्या ! कन्या के पैरों पर उसे उसका हाथ राक्षसों के हाथ जैसा दिखाई दिया।
Drama
अपना घरौंदा
Jahnavi Suman · 17 min read · 47.3K reads
आधुनिक जीवन शैली में ,विदेश में नौकरी समाज का अभिन्न अंग बन चुकी है। पुराने सामान की तरह बूढ़े माँ -बाप को भी अपने साथ विदेश ले जाना सम्भव नहीं। इसलिए उन्हें छोड़ दिया जाता है ,वृद्धा आश्रम में ,जहाँ उनका अतीत उन्हें जीने नहीं देता और अपनों से पुनः मिलने की इच्छा मरने नहीं देती।
Classics
समय के अनुसार
Ashish Kumar Trivedi · 1 min read · 14.3K reads
एक लघुकथा...।
Drama
कमज़ोर मत समझना
Rishabh kumar · 2 min read · 8K reads
मोरल - मोरल वोरल कुछ नहीं ! बस आजकल के बुजुर्गों को बेबस, लाचार और कमजोर समझने की गलती कभी मत करो, क्योंकि तुम आज जिस स्कूल..
Comedy
बदलाव
नवल पाल प्रभाकर दिनकर · 9 min read · 7.8K reads
अब तक कमला बिल्कुल बदल चुकी थी । सारे मोहल्ले वाले इसी अचरज में थे कि इसमें इतना बदलाव भला आया तो आया कहां से ?
Drama
अजगर
Tulsi Tiwari · 17 min read · 8.4K reads
‘‘बुढ़िया का फैशन देखा ! यह क्या मरने वाली है जल्दी ? मिले तो मरद कर ले।’’ उसने सुना था लक्ष्मी किसी से फोन पर बतिया रही थी।
Drama
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