StoryMirror - Read, Write, Share & Repeat- हीरा : पिशाच और उसका प्यारAniket Guru · 7 min read · 301 readsमैं शमीना हूँ गीता, हीरा मेरा ही प्रेमी था लोगो को हमारा प्यार पसंद नही आया।Horror

एक पुराना ख़तAnurag Kashyap Thakur · 1 min read · 21.7K reads ख़त
आज फिर मुझे एक पुरान दोस्त याद आया है,लिफाफे में ख़त की जगह गुलाब आया है| पता है उस ख़त में गुलाब से ज्यादा लिखा है,जाने कब से उसे अपने सिरहाने रखा है|उसके हर एक शब्द अब भी वैसे क वैसे ही है,पंखुरियाँ सुख गई है पर शब्द अभी बोलते है|उसने हर शब्द को इतनी खूबसूरती से सजाया है,लिफाफे में.................................................|मैंने पहली बार इसे उसके बागीचे में देखा था,तितलियों से अठखेलियां करते हुए|अोश की बूंदों से नहाये हुए ,यौवन की आहट से थोड़ा शरमाये हुए |उस दिन से अब तक की हर बात पिरो कर लाया है,लिफाफे ......................................................|उसने भी इसे तोडकार कई दिनों तक अपने पास रखा होगा,और एक-एक बात गौर से समझाई होगी|तभी तो यह इतना समझदार हो गया है,और बगैर खुश्बू के भी असरदार हो गया है|तब जो चूड़ियाँ दी थी मैंने उसे ,ये उसका जबाब आया है'लिफाफे में................ .......................................|आज सुबह से मैं कैलेंडर में घूम रहा था,घर जाने क लिए एक तारीख ढूंढ़ रहा था|सपनो का जहाँ है ये मैं भी सपना सजा रहा था,खुद ही खुद केलिए सहनाई बजा रहा था |तभी दरवाजे पर डाकिया आया ,आवाज देकर मुझे बुलाया|मुझे देखकर बोला पिछली बार पता खो गया था,और गलती से ये ख़त आपका हो गया था |मैंने अनचाहे मन से वो ख़त उसे वापस दिया ,ओए जाते- जाते गुलाब को अलविदा किया|अनुरागAbstract