Story
Mirror
Home
Stories
Poems
Quotes
Series
Library
Write
English
हिन्दी
বাংলা
ગુજરાતી
मराठी
ଓଡ଼ିଆ
தமிழ்
తెలుగు
ಕನ್ನಡ
മലയാളം
120
Log in
Sign up
#pension
1 storys
पेंशन
Purninma Dhillon · 19 min read · 13.8K reads
पुरुष कितना कमजोर होता है। नारी के बिना वह जीवन की कल्पना भी नहीं कर पाता। बिस्तर पर पड़ी बीमार पत्नी भी उसका मनोबल बढ़ाती रहती है। मगर उसकी मौत उसे इस कदर तोड़ देती है कि उसके कमजोर शरीर में बची-खुची सांसे जैसे इस क्षण का इंतजार कर रही है। सुलेखा की मौत से दुःखी प्रो. त्रिवेदी ने सुलेखा का निर्जीव देह पर अपना सिर रखा और इस मानसिक आधात ने उन्हें भी सांसारिक दुःखों से निरक्त कर दिया।
Inspirational