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#shortstory
36 storys
और गिलहरियाँ बैठ गईं…
Vivek Mishra · 17 min read · 15.3K reads
……फिर सब शांत हो गया। माँ अकंप बैठी रहीं। हमारे भीतर सालों पुराना डर फिर से सिर उठाने लगा। लगा माँ किसी के भी मरने पर नहीं रोएंगी, बाबा के मरने पे भी नहीं।
Abstract
रफ ड्राफ्ट
Ish Madhu Talwar · 22 min read · 22.1K reads
इसी बीच रजनी के गले से फिर तेज चीख निकली। नर्स औऱ डॉक्टर रजनी की और दौड़े। रजनी को जोर से एक हिचकी आई और वह शांत हो गई। उसकी सांसें थम चुकी थीं।
Abstract
इंतजार
Seema Saxena · 10 min read · 14.5K reads
अपने सिर पर सारा ठीकरा फूटते देख, माँ उसकी जन्म कुण्डली लेकर सीधे मंदिर पहुँच गयी। रीना कमरे में आकर लैपटॉप खोलकर नये सिरे से जाँब तलाशने लगी और पापा भुनभुनाते हुए घर से बाहर निकल गये।
Abstract
संदूक
Dushyant · 2 min read · 7.8K reads
घर के सारे छोरों (लड़कों) की निगाह उस चाबी पर रहती थी, किसी ने नहीं देखा कि दादी ने दिन या रात के किसी पहर उस चाबी का किसी ताले को खोलने में इस्तेमाल हुआ हो।
Abstract
"वादा"
Hema Chandani · 5 min read · 14.4K reads
आज फिर प्रहार किया था उसने मेरे खोल की दीवार यानी कि माँ का पेट पर…..
Abstract
आग और पानी
Ramkumar Singh · 37 min read · 16.2K reads
तमाशा बड़ा हो गया था। मोर की लाश पड़ी थी। पहला वार कौन करे इस पर ही बहस हो गई थी। गांव वाले सन्न थे।
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