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Crime
हिन्दी · poems
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भ्रष्टाचार
सोनी गुप्ता · 2 min read · 394 reads
नेता हो या हो अधिकारी पद हर जगह फैला भ्रष्टाचार है,
Abstract
निर्भया की मां
हरि शंकर गोयल "श्री हरि" · 2 min read · 404 reads
अपराध मुक्त भारत के लिए इन्हें अपने घर में बैठाना होगा।
Classics
ये कैसी बुज़दिली ?
Sugandh Jha · 1 min read · 41.5K reads
आदत सी हो गयी है अबनज़रअंदाज़ करने की..
Crime
तुम रोना ना
Manju Rani · 2 min read · 412 reads
उन गलियों से गुजरना जहाँ मुस्कान ने उन्हें कभी अपना माना ना
Tragedy
रगो में दौड़ता संविधान का अक्षर
KARAN KOVIND · 2 min read · 373 reads
सांसद भवन की दफ्तर से सौ फाइलें चुरायी थी मुझे पता नहीं कि वहां है कोई दफ्तर वहां हो
Crime
तुम मेरी बेटी नहीं हो
Ambuj Pandey · 2 min read · 28.8K reads
अब तुम ही, कह दो छः महीने, की है उसका, क्या छिपा लूँ...!
Crime
एक देश की बेटी
Gangesh Shukla · 2 min read · 342 reads
तू ये मत सोच, कि तू बच जाएगा, पहले जो बच कर चले गए वो दोबारा नहीं दोहराएंगे,
Action
अहंकार की आग
Syeda Noorjahan · 2 min read · 435 reads
लड़की ने ठुकरा दिया राजा का प्यार राजा के प्रतिशोध को दिया ललकार
Drama
आक्रोश
AMAN SINHA · 2 min read · 520 reads
खून खौल उठता है मेरा, आँख से आंसू बहते है एक बच्ची की स्मिता लुटी है, कैसे हम सब चुप बैठे है? कायर है लोग आज के, कहने से भी कतराते हैं सुनकर चीख वो माँ बहनो की, अनसुना कर जाते हैं
Action
ज्ञान चक्षु खोल के पराई केंद्र
नमस्कार भारत नमस्ते@ संजीव कुमार मुर्मू · 2 min read · 810 reads
ज्ञान चक्षु खोल के पराई केंद्र आग में तपे सोना कुंदन बन जग झोली भरे गैर !
Children Stories
मुझे डर लगता है
दिनेश कुमार कीर · 3 min read · 17 reads
खुले अम्बर में उड़ने दो, डरती हूं बाहर आने से , मां मुझे कोख में ही रहने दो।
Crime
एक बाल मजदूर की व्यथा
SWETA RANI · 2 min read · 28.7K reads
हर रोज स्याह होती जा रही, व्यथाओं की तस्वीर उसकी...!
Children
कटे पंखों के साथ भी उड़कर दिखाऊंगी !!
Yukti Nagpal · 3 min read · 493 reads
तेरी बहन तेरे सामने आने से डरेगी, घर क बाहर शैतानों से लड़ती थी, अब घर के अंदर पल रहे
Abstract
क्या आत्मा तुम्हारे पास नहीं!
Madhu Gupta "अपराजिता" · 2 min read · 305 reads
उठा कृपाण धड़ से अलग कर गर्दन को मत कानून की तू परवाह कर फैसला कर अपने हाथों से
Tragedy
जीवन का मोल
DRx. Rani Sah · 2 min read · 614 reads
उसके चेहरे पर गिरे वो तेज़ाब के बुलबुले थे, किस हद तक तड़पी होगी
Tragedy
घरेलू हिंसा के शिकार बच्चे..
घरेलू हिंसा के शिकार बच्चे..
Madhuri Jaiswal · 2 min read · 346 reads
आपसी मनमुटावों को समाज से छीपा कर बंद दरवाजे के पीछे नासमझ बच्चों को दिखाते हैं।
Crime
वो काली रात
Lokanath Rath · 2 min read · 547 reads
कभी धन की ताकत से तो कभी बल की ताकत से रचते अपनी कहानियाँ,
Tragedy
कन्या भ्रूण की व्यथा तिमिरलोक
Adv Neetu Verma · 2 min read · 372 reads
तिमिरलोक, ये जलमंडल है, मैं जिस घर में सोई हूँ ।
Tragedy
चीख
Pradeep Sahare · 2 min read · 393 reads
अंत ना करो बेदर्दी से आने दो इस जग में छाने दो इस जग में।
Tragedy
दहेज
sargam Bhatt · 2 min read · 476 reads
हाँ छोड़ दो, छोड़ दो इस माँ बाप के प्यार को, नहीं माने तो याद रखोगे मेरी मार को
Action
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