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#Reality
60 poems
मेरी मेज़
Shashi Kant Singh · 1 min read · 7.1K reads
दिन बीतते गये मेज पर मेरे, कैलेंडर के पन्ने नए होते गये हर रोज बिखरते नये कागजों की धूल मेरे इरादों की ज़मी पर परत दर परत
Drama
अर्पण कुमार की कविता 'ट्यूटर'
Arpan Kumar · 1 min read · 7.2K reads
शिक्षक-शिष्य का संबंध...........
Others
मोमबत्ती
Jyoti Pal · 1 min read · 7.1K reads
मोमबत्ती जलती है, रोती है फिर भी रौशनी में तब्दील कर देती है उस अँधेरे को उजाले में, और डर भगा देती है
Abstract
मृगतृष्णा
Pragya Kant · 1 min read · 37 reads
अपितु कृष्णा है ! वचन कर्म विहीन हो तोये मिथ्या है मृगतृष्णा है !
Abstract
मेरा दिल
Rishu Raheja · 1 min read · 26 reads
वो साथ मेरे चलता है, वो साथ मेरे रहता है, देखो इसको ज़रा गौर से !
Abstract
ख़्वाब हैं ये
Alok Singh · 1 min read · 314 reads
इनमें गुज़रे वक़्त की फरमाईशें तो, आने वाले वक़्त की आज़माइशें हैं, इनमें गुज़रे वक़्त की
Abstract
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