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#River
18 poems
नदी - सी थी तुम
Prapanna Kaushlendra · 1 min read · 7.5K reads
नदी - सी थी तुम...!
Drama
सबरनाखा का स्थायित्व
Chandramohan Kisku · 1 min read · 6.7K reads
सबरनाखा को समर्पित...।
Drama
पर्यावरण मेरा अस्तित्व
Shailaja Bhattad · 1 min read · 7.1K reads
पर्यावरण मेरा अस्तित्व !
Drama
नदी की आत्मकथा
Anand Kumar Jha · 1 min read · 15.7K reads
हिमगिरि से निकल कर कल-कल, निरंतर प्रवाहमान करती छल- छल, है मेरी जलधारा निर्मल, पर्वत श्रृंखला माता पिता मेरे चंचल !
Drama
मैं एक नदी
Asha Pandey · 1 min read · 7.2K reads
ये शक्ति है मुझमें किंतु सृष्टि चलती रहे और सभ्यताएँ फैलती रहें इसलिए मैं स्वयं ही डूबती हूँ और डूबती ही जा रही हूँ...
Drama
नदियां
✍ कुलदीप पटेल के•डी · 1 min read · 14.1K reads
है फैलकर देश के कोने - कोने तक भारत माँ की शोभा है बढ़ाती नदियां...!
Drama
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