- पुरुषों का साम्राज्यAnita Sharma · 1 min read · 415 readsलाल सिंदूर लाल बिंदी जो लगा ली
बन सौभाग्यवती जैसे जन्नत ही पा ली।Tragedy
- चुटकी भर सिंदूर [विवाह ]Aishani Aishani · 1 min read · 295 readsक्या समझा तुमने
तुम्हें कहीं भी कुछ भी
कहने का अधिकार मिल गया..?Tragedy
- जो लिखा सो ना कियाChandresh Kumar Chhatlani · 1 min read · 302 readsहम लिखते हैं
वो सब बातें अपनी किताबों में।Tragedy
- सच्चा विज्ञानArunima Bahadur · 1 min read · 352 readsसोचता रहा ये मानव,पाषण से सजीव हो गया है।Tragedy
- शायदShravani Balasaheb Sul · 1 min read · 406 readsशायदRomance
- गुरुत्वाकर्षणAnita Sharma · 1 min read · 312 readsतुम्हारे गुरुत्वाकर्षण
भरे आगोश ने…!
निगल लिया मेरी आत्मा को।Romance
- इंसानी सरहदेंShanti Gurav · 1 min read · 367 readsइंसान ने बनाई ये सरहदें,
इंसानियत की पार कर दी सारी हदें।Tragedy
- "विवाह "प्रीति शर्मा "पूर्णिमा · 1 min read · 286 readsकन्या विवाह हो गया,मात-पिता खुश होय।
मन में लिये उमंग वो,सपनों में रत होय।।Tragedy
- हां, ये ये सच हैIndraj Aamath · 1 min read · 384 readsये वक्त तेरा होगा
कल शायद मेरा होगा।Abstract
- झूठे प्रेम....संजय असवाल "नूतन" · 1 min read · 379 readsमतलबी फरेबी दुनियां में
कदम अपने
संभल के रखना।Tragedy
- है कैसी यह स्वतंत्रता??Usha Gupta · 1 min read · 340 readsहै यह कैसी स्वतंत्रता,
हैं जहाँ अभी भी हम जकड़े,
जाति और धर्म की बेड़ियों में।Tragedy
- "मेरा देश"प्रीति शर्मा "पूर्णिमा · 1 min read · 285 readsराजनीति भी तो नहीं रही राजनीति
नीति शब्द कब का मर चुका।Tragedy
- जयंतीश्रेया जोशी 'कल्याणी' · 1 min read · 281 readsलाडली तुम्हारी आज तुम्हें वही सुनाने आई,
देखना आ न जाए तुम्हें भी रूलाई।Tragedy
- आपकी यादSUNIL JI GARG · 1 min read · 340 readsसीखा है आपसे ही हिम्मत रखना
बाधाएं आयें चाहे जितनी भी बड़ी।Abstract
- "खाद संकट"Vijay Kumar parashar "साखी" · 1 min read · 295 readsएक के दो पैसे देना, मेरी तो मजबूरी है
फिर भी न मिलती, ख़ाद की मंजूरी हैAbstract
- साइंस फिक्शनPadma Motwani · 1 min read · 417 readsसंतुलन न संभला इनका तो?
एक कल्पना से सिहरन होने लगी है।Abstract
- नारी!!!Johnny Walker · 1 min read · 246 readsसत्य ये बेहद तिक्त सा है,
बिन नारी संसार रिक्त सा है...Tragedy
- पुस्तकमानसिंह मातासर · 1 min read · 241 readsसारे वेद पुराण उपनिषद
और सैकड़ों कृतियाँ
मुझ में ही तो समाहित हैTragedy
- हम मिडिल क्लास लोग हैं साहब!स्वराक्षी swrakshi स्वरा swra · 1 min read · 247 readsहम मिडिल क्लास लोग हैं साहब!
जिंदगी जीते नहीं
बसर करते हैं।Tragedy
- रात की चादरमिली साहा · 1 min read · 430 readsइसलिए झूठी मुस्कान के साथ रात की चादर हटा देता हूंँ।Romance
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