#deshmittibhaarat
12 poems
- कारगिल का शेर Kanhaiya sharma Anmol · 3 min read · 512 readsसरहद बुला रही हैं ,मेरी कोख के ओ लाल।रखना सदा ही दिल में ,अपने देश का तू ख्याल ।।Inspirational
- यह मेरा हौसलाNikhil Sharma · 1 min read · 7K readsमैं तूफ़ान से अब क्या कहूँ, जाने क्यूँ वो इतराता है मैं हूँ वो माझी जो, तूफ़ानों में जहाज़ चलाता है इन आँधियों से है ख़ौफ़ क्या ,
मुझे पत्ते सा उड़ना आता है Others
- इंकलाबAnita Jain · 2 min read · 13.4K readsरंजो गम नही,करना जतन
खुद को गर बदल सको
किसने क्या प्रयास किया,
पूछना खुदसे सवाल है
सोई चेतना को जगाकर, इंकलाब लाना ही होगाOthers
- तिरंगे को कोई ना झुका पाएKanhaiya sharma Anmol · 1 min read · 20.5K readsतिरंगे को कोई ना झुका पाएOthers
- क्यूँ बेक़रार हो १९६५, १९७१ दोहराने को Anil Awasthi · 1 min read · 14.1K readsअपने पड़ोसी देश "पाकिस्तान" के किए कुछ सुझाव. बहुत बेकरारी दिख रही है लड़ाई लड़ने की , ओछेपन की भी हद हो रही जब छुपकर वार कर रहे हैं।Others
- देशAshokkumar Shah · 1 min read · 14.1K readsदेश बदल रहा है नया सूरज निकल रहा है Inspirational
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