Action · Top ranked
हिन्दी · storys
- शहीद की बेटीMeena Bhandari · 8 min read · 8.1K readsमैं आपसे बहुत प्यार करती हूँ।” – कहते हुए उसने पापा के गालों को चूम लिया।Action
- माँ तुझे सलामAlka Srivastava · 5 min read · 1.8K readsकमला देवी थके कदमों से घर की तरफ चल दीं। शाहिद अभी भी सैल्यूट की मुद्रा में खड़ा था।Action
- उजड़े घरों की बिखरनSadhana Mishra samishra · 2 min read · 1.6K readsअम्मा की आंखों के आंसुओं में हर उजड़ा हुआ घर रो रहा था.... बिलख रहा था....!Action
- " नौ सौ चूहे खाकर ........."Neha Agarwal neh · 7 min read · 30.8K readsयह कहानी समाज के ख़ोखलेपन से लडती महिला पर आधारित है।Action
- महानायकJisha Rajesh · 3 min read · 28.3K reads'फिल्मो में अभिनय करने वाले एक्टर को एवोर्ड मिलता है, पर बोर्डर पर मुसीबतों के बिच में रहेने वाले फौजी की कोई किम्मत नहीं ।'Action
- वीर सैनिक राजूयवधेश साँचीहर · 4 min read · 30.2K readsये परम वीर चक्र इस बात का प्रतीक है कि आज भी देश जुड़ा है एक प्यार के बन्धन से अपनी भारत माता से।Action
- सर्वोच्च बलिदानSadhana Mishra samishra · 7 min read · 1.7K readsथोड़े ही पीछे अपने टैंक से कैप्टन अमरिंदर अपने इस वीर सिपाही सेकेंड लैफ्टिनेंट अरुण का यह शौर्य देखते रह गए...!Action
- आत्मग्लानिSahil Tanveer · 8 min read · 2.4K reads
अजनबी है !! कहीं से भूल-भटककर आया होगा। परन्तु, इसे तो गाँव में जाना चाहिए। यहाँ इस बाज़ार में कौन रहता है ,दिन में थोड़ी-बहुत चहल-पहल और रात की डरावनी सन्नाटा के अलावा। ये गांव जाकर मज़दूरी भी कर सकता है ,पर इसे काम देगा कौन.......? आजकल गाँव में चोर/डाकुओं का हो हल्ला है , हो सकता है यह चोरों का भेदी हो ! यहाँ इसकी झूठ भी नहीं चल सकती....... ,क्यूंकि , गाँव के हर एक चेहरे जाने-पहचाने होते हैं। परन्तु, कम से कम एक बार इसे कोशिश तो करनी चाहिए ,..लगता है ये आलसी भी है -- यह सोचते-सोचते वह कब मेरे नज़रों से ओझल हो गया कुछ पता न चला।
उसके बंद मुट्ठी में रोटी बहुतेरे सवाल कर रही थी। वह ना मेरा चिर-परिचित था और ना ही कोई रिश्तेदार परन्तु मानवीयता अपने चरम सीमा पर जागृत थी। उसके अकड़ू शरीर को देखकर और मौत की भयावह परिस्थिति को कल्पना कर दिल काँप उठा, आँखों में नमी आ गयी।
पर जो बात सबसे ज्यादा खाए जा रही थी वो ये की इसकी पहचान संदिग्ध रह गयी थी ..........Action
- वो अबला नहीं सबला थीBharat Bhushan Pathak · 4 min read · 1.1K readsवो पागल की भाँति चिल्लाते हुए उनके पास जा-जाकर बार-बार यह कहने लगे कि:- "वो अबला नहीं सबला थी।"Action
- ख़ूनी गुड़िया भाग 11Mahesh Dube · 4 min read · 30.4K readsमंगेश स्नेहा के घर गुड़िया लेकर पूछताछ करने जाता है जहाँ स्नेहा उसपर प्राणघातक हमला कर देती है अब आगे पढ़िए अंन्तिम भाग! यहाँ सभी रहस्यों का खुलासा है! Action
- ख़ूनी गुड़िया भाग 10Mahesh Dube · 3 min read · 27.8K readsइंस्पेक्टर अभिशप्त गुड़िया को लेकर खिलौना बाज़ार गया और वहाँ उसका भयानक एक्सीडेंट हो गया। अब आगे पढिये । Action
- पाँच सौ रुपयेShyam Kunvar Bharti · 21 min read · 29.1K readsपाँच सौ रुपये के लिए तुम अपने देश से गद्दारी करोगे अख्तर, अपने ही देश के जवानो पर पत्थर फेकोगे उस बेरोजगार नवयुवक को उसकीAction
- बिछड़ने का दर्दChandresh Chhatlani · 2 min read · 15.8K readsगोली मार कर वह सीमा की तरफ दौड़ पड़ा, दुश्मन देश के सैनकों ने यह देखते ही उस पर दूर ही से गोलियों की बारिश शुरू कर दीAction
- जज़्बातRenu Singh · 1 min read · 880 readsजो हमारे लिए अपनी जान लूटा देते हैं, हम उनके लिए चार कदम चल, सलाम भी न करे, वो फिर बोल उठा.... वन्दे मातरम्।Action
- ख़ूनी गुड़िया भाग 9Mahesh Dube · 2 min read · 29K readsस्नेहा ने बताया कि शर्मा आंटी को गुड़िया ने मारा है तो इंस्पेक्टर मंगेश के होश उड़ गए। अब आगे पढ़िए Action
- छुट्टीPradeep Soni प्रदीप सोनी · 1 min read · 15.1K readsजहाँ से वापसी में या तो तमगे मिलेंगे या फिर तिरंगे की चादर। पर जाने से पहले वो घर बात करना चाहता था।Action
- बहादुर बच्चाNalanda Wankhede · 8 min read · 1.6K readsहर नयी चीज कभी नयी नहीं रहती, एक न एक दिन उसे पुराना हो ही जाना है।Action
- फटाफटRekha Rana · 1 min read · 1.3K readsअभी- अभी तिरंगे में लिपटा शहीद विश्वास का शरीर श्रद्धांजलि के लिए आँगन में रखा गया था।Action
- ख़ूनी गुड़िया भाग 8Mahesh Dube · 3 min read · 29.2K readsस्नेहा ने इन्स्पेक्टर को बताया कि शर्मा आंटी का क़त्ल गुड़िया ने किया है अब आगे पढ़िए Action
- ख़ूनी गुड़िया भाग 5 Mahesh Dube · 2 min read · 28.4K readsस्नेहा ने देखा कि गुड़िया ने दूधवाले रमेश को मार दिया है। वह बेहोश हो गई। अब आगे पढ़िए Action
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