- मांDr. Poonam Gujrani · 12 min read · 3.5K readsसोचते- सोचते अपनी गीली आंखों को पोंछते हुए मेरी उंगलियां नीरू के नम्बर डायल करने लगी।Drama
- विडंबनाMohd Saleem · 8 min read · 2K readsइसी विडम्बना भरे जीवन का अंत जुम्मे की नमाज़ के साथ “ ला इलाहा इल्लल्लाह” कहते हुए समाप्Drama
- प्रायशचितAjay Singla · 23 min read · 1.4K readsअमित तुम्हारा सागा भाई है तो अंकिता बोली नहीं, वो मेरा सागा भाई नहीं उससे बहुत बढ़कर हैDrama
- कजरी ताईSulakshana Mishra · 9 min read · 2.1K readsशायद कजरौटे को भी किसी बुरी नज़र से बचाना था।Drama
- शहजादा मारक्कसRahim Khan · 12 min read · 892 readsहिंदी भाषियों के लिए मेरी यह एक मामूली सी कोशिश है।Drama
- सच्ची दौलतDhan Pati Singh Kushwaha · 8 min read · 8.9K readsमैं चौधरी साहब के साथ वार्ड ब्वॉय की ओर बढ़ चले।Drama
- रावणAmit Kumar · 13 min read · 4.2K readsनहीं बेटा रावण तो आज भी जिन्दा है और तब तक रहेगा जब तक इस दुनिया में गरीबी, बेरोजगारी और मजबूरी रहेगी। आदमी-आदमी का गुलाम रहेगा, छल-कपट रहेगा तब तक रावण भी रहेगा।Drama
- टूटा कपSudha Adesh · 12 min read · 2.4K readsसुनीता चुप रह गई । बाद में वह पूर्वा के कमरे में गई और बोली, ‘‘सौरी बेटा, आज तूने। ....Drama
- स्वयंसिद्धाSudha Adesh · 30 min read · 1.3K reads‘ बस पहुँच ही रहे हैं ।’ आलोक अंकल ने उत्तर दिया ।
उसकी स्थिति देखकर। ....Drama
हम ही दोषी हैं
हम ही दोषी हैंSudha Adesh · 23 min read · 2.9K readsइस आस के संग उसने अपने घायल तन-मन को समझाने के साथ अपने अनियंत्रित विचारों को झटकने का प्रयत्न किया तथा विनीत के लिये चाय बनाने चल दी।Dramaईश्वर सत्य है
ईश्वर सत्य हैAgrawal Shruti · 22 min read · 3.2K readsभीगी आँखों को पोंछते हुए उन्होंने अनिमेष को उठाकर सीने में भींच लिया और अपने कमरे में लौट आईं।Dramaथाने में बयान
थाने में बयानSubhash Chander · 11 min read · 2.6K readsथानेदार ने उस औरत को कानून की पैनी नज़रों से देखा। फिर अपने फर्ज की कैंची से उसकी बात बीच में ही काट दी। बोला-”सरपंचनी की बच्ची। हमें कानून सिखाती है। अबे ओए रामदीन। पकड़ ले,इस साली कानून वाली को भी। वैसे भी इस केस में गवाही की ज़रूरत पड़ेगी। इसका भी बयान साथ ही ले लेंगे।”रामदीन के आगे बढ़ते ही औरत के कानून को पंख लग गए। बाद के दृश्य में वह आगे-आगे और पीछे-पीछे भागता सन्तरी दिखाई दिया। सन्तरी के पीछे बाकी औरतें भी कानून के पंजे से निकल गई। अब बुढ़िया अकेली रह गई।Drama- बीबीHarish Sharma · 20 min read · 32.5K readsएक बुजुर्ग की कहानी...!Drama
- चिड़ियों का अनशनDr Hemant Kumar · 7 min read · 44.6K readsठेकेदार—(दुखी मन से)बिटिया इसमें गलती इनकी नहीं।मेरी गलती है।मैं ही पैसों के लालच में पेड़ों को कटवा कर इनके घर उजाड़ रहा था।मैं पैसों के पीछे पागल हो गया था।---ओह—ये क्या पाप कर रहा था मैं।इतने पक्षियों के घर छीन रहा था?Drama
- चबूतरे का सचAsha Pandey · 20 min read · 46.7K readsचबूतरे का सच !Drama
- उत्तर का आकाशAsha Pandey · 19 min read · 45.3K readsउत्तर का आकाश...।Drama
- राख के नीचेTulsi Tiwari · 15 min read · 46.7K readsएक प्यारी - सी कहानी...।Drama
- संकल्पिताकल्पना रामानी · 16 min read · 2.3K readsएकांत पाते ही विभारानी जयति से मुखातिब हुई-
“जयति, तुम अकेली क्यों और घर के नाम-पट पर –“यह घर मेरा है-
“संकल्पिता”...??"Drama
- कश्मीरJiya Prasad · 12 min read · 47.1K readsकहानी एक लड़की कश्मीर की,
नाम अजीब है, नहीं ?
लेकिन क्यों है ऐसा नाम और क्या है उसकी कहानी ?
जानने के लिए पढ़ते हैं...।Drama
- सिर्फ काली लड़कियांNidhi Nirdesh · 20 min read · 50.9K readsकभी सोचती कि,
“वह कहीं माता - पिता के प्रेम में फरेब और कपट की प्रतिछाया तो नहीं ? वरना तीनों बड़े भाई इतने कुरूप, काले क्योंDrama
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