
"अरे! वो क्या है कि पापड़ी खाने की प्रथा इस देश मेँ बहुत पुरानी है, अगर तुमने गोलगप्पे खाने के बाद पापड़ी नहीं खाई तो लोग समझेँगे कि तुम गरीब पर एहसान कर रहे हो और कुछ अलग कर रहे हो, इससे जो लोग पापड़ी खाते हैं उनको हो जाती है दिक्कत, वो कहेँगे एहसान दिखाया नहीं जाता है, अगर भावनाएँ सच्ची हों तो उसको दिखाने की ज़रूरत नहीं होती। हो सकता है कि वो तुमको देशद्रोही भी घोषित कर दें अपने तथ्यों से। और अगर तुमने गोल टोपी लगाई है तो तुमको पाकिस्तान जाने की नसीहत भी मिल सकती है। एक्सट्रीम
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