
आज पलकों की जिद भी अजीब थी ,आंशुओं को रास्ता देने से मना कर दिया फिर से ,उनको को रास्ता ही नहीं मिल रहा था अपने रास्ते के लिए और ज्यूंहि पलकोँ ने रास्ता पूरा बंद किया , नाराज होकर आंसू आँखोँ के अंदर जा छिपे ,कुछ पल इंतज़ार किया और फिर नसों के रास्ते होते हुए दिल के राइट चैँबर मेँ शिकायत लेके पहुँच गए |
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