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Story · Abstract

सर्द जुल्फें

by Dhairyakant Mishra ✓ · 28 Aug 2017

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तुम्हारी ज़ुल्फ का एक टुकड़ा मेरे कोट के एक बटन में कल लिपट कर मेरे पास आ गया था, मेरी नज़र जब उसकी सिसकियों पर पड़ी तो मैंने हल्के हाथों से उसको निकालने की एक नाकामयाब कोशिश की, लेकिन उसकी ज़िद के आगे मेरी नहीं चली। शायद बहुत सर्द सी थी, मैंने कई बार कहा है कि इस कदर अपनी ज़ुल्फ़ों को मत भिगोया करो, कुछ ज़ुल्फ़ें थोड़ी सेंसिटिव होती हैं हमारी तरह, और उनको कोल्ड की शिकायत हो जाती है अक्सर।

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