- इत्र की शीशीअभिषेक कुमार 'अभि' · 2 min read · 1.3K readsख़ुदी मिटा कर दूजों को अपनाती हूँ मैं,
फिर भी किसी के ध्यान कभी नहीं आती हूँ मैं।Abstract
- एक छोटी सी घटनाArchana Verma · 2 min read · 1.9K readsऔर मेरी इस कविता को तुम
पढ़ना चाहोगे बार बार।Abstract
- प्यार की परिभाषाAjay Singla · 2 min read · 1.7K readsतुम कभी ये कह नहीं सकते
किस में कम किस में ज्यादा है।Abstract
- कवि ‘महावीर’ नामी दोहेMahavir Uttranchali · 2 min read · 1.3K readsदो पल ही खिलना यहाँ, फिर सब माटी धूल।Abstract
- खामोशियाँ सुनाई देने लगीShashi Aswal · 2 min read · 1.2K readsआ गए वापिस
फिर से मेरे पास
क्या काम है बोलो
तभी आए हो इधरAbstract
- हिन्दी हमारी राष्ट्र भाषा - - दो शब्दRajeev Rawat · 2 min read · 509 readsराष्ट्रप्रेम की भावनाओं का, जिनको होता नहीं है अर्थ
उन नरों का जीवन भी क्या हैAbstract
- मैंने खुदा को साथ रहते देखा हैSubhransu Padhy · 6 min read · 629 readsजब मैं बोल भी नहीं पाता था.. सिर्फ़ मेरे इशारों से
मैंने उन्हें हर ख्वाहिश पूरा करते देAbstract
- हिंदी हमारी पहचान हैमिली साहा · 2 min read · 826 readsहिंदी का सम्मान हमारा स्वयं का देश का है सम्मान,Abstract
प्रकृति की आवाज
प्रकृति की आवाजMani Aggarwal · 2 min read · 958 readsक्रोध मेरे आकाश को आया और लगा वो तुम्हें दिखाने
बहुत जतन से मना रही हूँ कह कर कि तुम बदल जाओगे...Abstract- जीवन: सपना बनाम वास्तविकताashok kumar bhatnagar · 3 min read · 593 readsसपनों में जगह नहीं होती है निराशा की,
खुशियों की चाहत हमें भर जाती है।Abstract
- चल ही नहीं पाता ज़माने की रफ़्तार के साथANIRUDH PRAKASH · 2 min read · 726 readsयहाँ तो दरिया में पड़े पत्थर की तरह कतरा कतरा टूटा हूँ मैंAbstract
- चिन्तनsneh goswami · 2 min read · 1K readsजो विकसित हो कर
सपनों को साकार बनाये।Abstract
- गंतव्यDr. Shikha Maheshwari · 2 min read · 1.2K readsमन उदास हो गया
और फिर मेरा ‘गंतव्य’ आ गया।Abstract
- एक पियानो भी होना चाहिएDheeraj Dave · 2 min read · 626 readsतब हरेक बिस्तर के पास
एक पियानो भी होना चाहिये।Abstract
- दर्पणRatna Pandey · 2 min read · 2.8K readsइसीलिए मुझसे ही मुझको, कई बार तूने ही मिलवाया है।Abstract
- ख़्वाहिशMohit shrivastava · 2 min read · 2.1K readsतेरा बुत बनू और
बंद रहूँ मंदिर के तालों में,Abstract
- बेनमून दीपकBhavna Thaker · 2 min read · 1.6K readsडूबने वाले का उदय निश्चित है बस
भोर का इंतज़ार करने में आलस ना हो।Abstract
- किवाड़Pradeep Kumar Panda · 2 min read · 3K readsइसलिये ही हर घर के
किवाड़ में,
दिखता है सिर्फ़
एक ही पल्ला !Abstract
- जननी जन्मभूमि हैshubharambh Books,Yoga and motivation · 3 min read · 534 readsइसकी गोद में सिर रखकर अब हम इतने बड़े हुए,
यह जननी माता प्यारी, हम सबकी पालन हारी,Abstract
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