by Anuj Kumar ✓ · 16 Aug 2017
छूट चुकी हूँ मैं ख़ुद से। छोड़ दिया है ख़ुद को, कहीं किसी बिस्तर पर। बस पाया है अब अपने जिस्म को किसी मर्द की बाहों में या सीने पर।
Loading comments…
Loading comments…