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- जीवन की साँझAnshu Shri Saxena · 3 min read · 2.5K readsमैं अपने पेंटिंग और लिखने के शौक़ को फिर से ज़िन्दा करूँगी , जो जीवन की आपाधापी में कहीं बहुत पीछे छूट गये थे
ये कहते। ....Abstract
- गुलमोहर और बोगनवेलियाVinita Rahurikar · 11 min read · 1.8K readsवरुण ने उसके कंधे पर हाथ रखा तो वीथी ने उसके कंधे पर सर रख दिया. सामने हरेभरे गुलमोहर से लिपटी, इठलाती बोगनवेलियाAbstract
- "चिड़िया" कहानीSajida Akram · 4 min read · 1.6K readsजैसे अभी दो दिन पहले अपनी बिदाई पर रोई थी वैसे ही, पीछे न जाने कब पत्नी आकर खड़ी हो गई और मुझसे बोली आंखों में आंसू भरकर "Abstract
- सुनो तुम मुझसे झूठ तो नहींSanjay Verma · 11 min read · 1.6K readsउनसे अब हिल स्टेशन पर चढ़ा जा नहीं सकता ।चीकू के पापा सेवानिवृत हो चुके और सेवानिवृत होने पर शासन की और से तीर्थ घूमने का लाभAbstract
- चाइल्ड लेबरKanchan Lalwani · 1 min read · 49.2K readsए साहब ज़रा काम दे दो मुझे
घर चलाने का पैसा दे दो मुझे।Abstract
- पंखों की उड़ानKanchan Lalwani · 1 min read · 50K readsपंख मेरी उम्मीदों के, सपने जो मेरे है।Abstract
- बच्चों का मासूम मनShailaja Bhattad · 2 min read · 36.5K readsमुझे विश्वास होने लगा कि हमारे देश का भविष्य सुरक्षित हाथों में है IAbstract
- आखिरी स्वेटरSaumya Jyotsna · 6 min read · 29.3K readsउन्होंने मुझे जो कुछ भी सिखाया,वह मेरे कपड़ों में झलकता है| अब यह स्वेटर कई जिंदगियाँ बुनेगा| मैं इस घर को नानी-माँ की याद में सिलाAbstract
- हास्टल में तीसरा दिनPawanesh Thakurathi · 6 min read · 1.5K readsनिश्चित रूप से व्यक्ति का स्वभाव ही वह अमूल्य निधि है, जो उसे कठिनतम एवं विपरीत परिस्थितियों में भी विजेता बनाकर सामने लाताAbstract
- मिट्टी की आवाज़ Nidhi Parikh · 4 min read · 44.9K readsमिट्टी के है हम और तुम, एक रोज़ मिट्टी में ही मिल जायेंगे। Abstract
- हिम स्पर्श - 37Vrajesh Dave · 7 min read · 750 readsवफ़ाई ने नमाज पूर्ण की। उसने देखा कि जीत झूले पर मौन बैठा था। वफ़ाई ने उस मौन को भंग करने की चेष्टा नहीं की।Abstract
- ईश्वर की मृत्युJiya Prasad · 11 min read · 29.5K readsयहां इस व्यक्ति पर भगवान के अवतार होने का आरोप है। उसे तो लोग ईश्वर ही मानते हैं।Abstract
- मज़हबPrateek Tiwari (तलाश) · 6 min read · 29.7K readsउसकी समझ में नहीं आ रहा था कि आज वो जीता है या हारा। उसने अपने दोस्त की मौत का बदला लिया है या धर्म के नाम पर ख़ुद ही लुट गयाAbstract
- थोड़ा सा झूठMahima Bhatnagar · 2 min read · 1.3K readsसंतुष्ट काव्या, अम्मा और भाभी के बीच पिघलती बर्फ को साफ साफ महसूस कर रही थीं!Abstract
- हृदय की आत्मकथाओमप्रकाश क्षत्रिय प्रकाश · 3 min read · 1.7K readsबेक्टो ने पहली बार ऐसा मांसपूंज देखा था| वह बंद मुट्ठी जैसा था| पूरा लाल-लाल| जैसे कोई...Abstract
- गृहणी से लेखिकाSandhya Chaturvedi · 8 min read · 1.4K readsयकीन मानिये की लगन से दुनिया मिलती है।हाउसवाइफ एक जिम्मेदारी का काम है, लेकिन फिर भी आज की दुनियां मेंAbstract
- मायका मीठा काढ़ाChetna Sharma · 4 min read · 2K readsबाबा की मजबूरी और तुम्हारी थकान, फिर से भीतर एक ताकत फूंक देती है ।और सब कुछ हल्का और आसान लगने लगता है बहुत आसान.. ।Abstract
- भिखारी और कर्फ्युAshish Mishra · 4 min read · 999 reads... और सो जाता सिहरन में अपने घर की चारदीवारियों के बीच... अपनों के बीच...।Abstract
- साहित्य समाज का दर्पणArvind Kumar Srivastava · 3 min read · 884 readsआज का समाज यदि कल के साहित्य का नियमक है तो कल का साहित्य आज के समाज के रूप का।Abstract
- बुराई का अंतSanjay Pathade Shesh · 1 min read · 1.8K readsअतः यह सिलसिला चलता ही रहेगा,इसलिए मैं यह बुराई को हमेशा के लिए मिटाने हेतु ही यह कार्य कर रहा हूं। शिष्य की जिज्ञासा शांत होAbstract
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