Fantasy · Top ranked
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- एक लड़की का पहला प्यारYash Yadav · 4 min read · 46K readsउसे मानना पड़ा कि जोड़ी ऊपर वाला बनाता है और जो होता है अच्छे के लिए होता है।Fantasy
- ज़ोया का मातमJiya Prasad · 10 min read · 28.9K readsएक उदास सी लड़की जो गुलाब के पौधे के पास अपने ही गोद में अपना सर छुपाये अपने ही रूह के मौत पर मातम मनाती हैं तन्हाई मेंFantasy
- पहला प्यारAntima Singh · 3 min read · 14.3K readsवो भी मुस्कुरा रहा था... मैं थैंक यू बोल कर स्कूल में दाखिल हो गयी। शायद ये मेरे पहले प्यार की शुरुआत थी..Fantasy
- मिल गयाTanha Shayar Hu Yash · 2 min read · 28.3K readsमिल गयाFantasy
- माँ के हाथों के परांठे और पिताजी के तानों की कशमकशRishi Raj Singh · 4 min read · 29.6K readsमाँ के प्रेम में तो फिर भी कोई ख़ास कमी नहीं आई थी, हाँ कभी-कभार चप्पल, बेलन, वाईपर नामक हथियारों से मेरी सुताई हो जाया करती थी। परन्तु पिताजी जिन्होंने मुझ पर आज तक हाथ नहीं उठाया उनके वो शुल की भाँती चुभते शब्द– निकम्मा, कामचोर, गधा, अक्ल से पैदल, ढक्कन और न जाने क्या-क्या मेरे सीने को छलनी कर देते।Fantasy
- पलाश की चाँदनीGyan Priya · 3 min read · 990 readsमैं वहीं खिड़की के पास बैठे-बैठे यही सब अंर्तद्वंद से लड़ते-लड़ते वहीं कब आँख लग गई कुछ पता नहीं चला।Fantasy
- काउंटर के पीछे मुस्कुराता चेहरा Sharad Kokas · 12 min read · 30.3K readsयह उस ज़माने की कहानी है जब गाँव के बच्चे शहरों में पढ़ने जाते थे और उनके माँ-बाप उन्हे मनीऑर्डर या बैंक के मेल ट्रांसफर के माध्यम से पैसा भेजते थे। तब ए.टी.एम की सुविधा आम नहीं थी और बैंकें नेटवर्क के माध्यम से आपस में जुड़ी नहीं थीं। शहर में पढ़ रहे बच्चों को भी मनचाहा खर्च करने की स्वतंत्रता नहीं थी और वे साइकिल चलाने में शर्म महसूस नहीं करते थे। अलावा इसके उस समय बैंक जैसे संस्थानों में मशीनों के अलावा मनुष्य भी काम करते थे और वे ग्राहकों को सिर्फ ग्राहक नहीं समझते थे।Fantasy
- "अनाम लड़की"Prasun Upadhyay · 4 min read · 6.9K readsमेरी ड्रीम गर्ल वो "अनाम लड़की"IFantasy
- लाल कोट - अध्याय 1 - बरसातPanchatapa Chatterjee · 5 min read · 16.2K readsअंदर से आवाज़ आने लगी कि "वो कौन है? कैसी दिखती है?" पेट में मरोड़ और बेचैनी का उफान उठने लगा |Fantasy
- पायल- एक प्रेम कहानीUjjwal Chaturvedi · 10 min read · 16.9K readsतवायफ के सच्चे प्रेम की असफल कहानी, प्रेमी को क्यों जुदाई की सजा भुगतनी पङी...यही बताती कहानी.....Fantasy
- बाबा मेरे बच्चे कैसे हैं ...Upasna Siag · 2 min read · 29.1K reads
"तुम खुद क्यों नहीं चली जाती..."
Fantasy
- सपनों की उड़ानSatyam Mahato · 3 min read · 38.1K readsइस टूटे परिंदे को उसका आसमान मिल जाये
तू मिले तो इस फ़किर को ये सारा जहाँ मिल जाये
पंख फैलाता हूँ मैं अपनी इस उम्मीद में कि
मेरे बिखरे ख्वाबों को वही पुरानी उड़ान मिल जाये Fantasy
- एहसास Manoranjan Tiwari · 8 min read · 27.3K readsएहसास Fantasy
- कमरा भर आकाश Namita Sunder · 20 min read · 1.7K readsमौली मौली....अम्मा नीचे आंगन से गला फाड़ फाड़ आवाजे लगा थक गईं, लेकिन मौली तक उनकी आवाज न पहुंचनी थी, न पहुंची। मौली जब ऊपर के कमरे की छत पर होती है तो नीचे की दुनिया तो उसके लिए जैसे कहीं बिला जाती है। बस वह होती है और उसके चारों ओर दूर दूर तक आसमान ही आसमान। मौली सर के पीछे हाथ बांध कर पीठ के बल छत पर लेट जाती है और फिर उसके सामने होती है सबसे अलग एक नई सुहानी दुनिया।Fantasy
- उम्रदराज प्रेमीBhim Bharat Bhushan · 2 min read · 29.8K reads”विलम्ब अवसरों को दफना देता है”
Fantasy
- प्यार एक अहसासSandhya Chaturvedi · 6 min read · 1.3K readsजैसे ऋतु के साथ सब कुछ चला गया हो, सब सूना हो गया हो।
शायद रवि को ऋतु से प्यार हो गया था।Fantasy
- क्या कर सकते हो तुम मुझे कैद ?
Snigdha Banerjee · 2 min read · 42.8K readsखोज लिया था मैंने खुद को !
हा ! हा ! ढूंढ़ते ढूंढ़ते आखहिर ढूंढ ही लिया था था खुद को !Fantasy
- प्यासी नदी बहती रहीज्योत्स्ना कपिल · 15 min read · 30.2K readsउम्र देकर औरत गृहस्थी की धुरी तो बन जाती हैं ,लेकिन उसके जीवन और मन में होने वाले परिवर के तरफ ध्यान कब देते है घर वालेFantasy
- मेरे सामने वाली लड़कीVishal Patil · 3 min read · 1.3K readsउतनी देर में 5:20PM वाला अलार्म बज उठा,उसे बंद करने के लिए मै चल दिया। जब उसे बंद करने के बाद मैं वहाँ आया तब तक। ...Fantasy
- प्रेम की शिला मेट्रोShakti Mishra · 4 min read · 27.8K readsदिल्ली की लाईफ लाइन कही जाने वाली ये मेट्रो दुनिया एक तरह से प्रेमियों की लाइफ लाइन हो गयी है। Fantasy
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