Fantasy · Top ranked
हिन्दी · poems
- अकथ्य से कथ्य की ओरManju Mahima · 2 min read · 2.5K readsइस रचना में रिमझिम की गिरती बूँदों ने कैसे एक स्त्री को अपने बंधनों में से बाहर निकल आने के लिए प्रेरित किया।।।।।Fantasy
- नादानShyamm Jha · 1 min read · 30.1K readsहर बात में मेरा नाम लेना
और हर बार बस यही कहना
मुझे तुम से मोहब्बत नहीं
सच मे तुम बताओ ना
कहीं तुम नादान तो नहीं......Fantasy
- वो कुछ ऐसी थीMitesh Gupta · 1 min read · 16.8K readsवो अंतरंग घड़ियाँ
उसे याद करती हैं,
ये चादर की सिलवट भी
फरियाद करती है,Fantasy
- आओ कभी बैठो ज़रा बातें करेंगेआदित्य श्रीवास्तव · 1 min read · 43.6K readsकोई जगह कोई दहर हो जहाँ
वक़्त न पंहुचा हो अभी भी
बेवक़्त पहुँचेंगे वहाँ
और बैठे रहेंगे
सोचा करेंगे, सुनते रहेंगे ....Fantasy
- एक ख्वाबDeepsi Agrawal · 1 min read · 14K readsआज भी कई बार, मेरे सपनो में आते हो तुम, हर बार एक नई, उम्मीद जगा देते हो तुम...!Fantasy
- अधूरे सपनेBhavna Thaker · 1 min read · 1.3K readsकुछ हसरतों के धागों की चद्दर बुनी
नक्काशी भी की जज़्बातो से रेशमी सिरे जोड़कर
सिनी चाही एक तंग चोली
तंग हाथ की तरह उधड़ गईFantasy
- उन्सSaket Shubham · 1 min read · 15.9K readsगिला तुझसे भी अब क्या करूँ
जब इश्क़ तुझे हुआ नहीं।Fantasy
- सड़कें आइना होती हैं शहर काSandeep Gupta · 1 min read · 3K readsदेखा होता है उसने,
सभ्यताओं को बसते और ढहते,
बस्ती को गाँव, गाँव को नगर,
नगर को महानगर बनते,
ख़ुद बनते-बिगड़ते सड़कों ने.Fantasy
- क्या तुम चलोगे मेरे साथSandeep Gupta · 2 min read · 2.2K readsक्या तुम चलोगे मेरे साथ वहाँ,
जहाँ कैद हैं ख़्वाब और ख़्वाहिशें,
ऊँची दीवारों से टकराकर,
वापस लौट जाती हैं जहाँ,
इंक़लाबFantasy
- अग़र मैं खुदा होताSwechchha Tomar · 2 min read · 27.6K reads'कांपती पत्ती गुलाब की, यूँ अधरों को में रूप देता, फिर सिखा तुझे नाम अपना, तुझसे नया सा सुन लेता।' एक खुबसूरत कविता।Fantasy
- मेरी बारिश !Shailly Shukla · 1 min read · 26.4K readsअच्छा लगता है मुझे
तुम्हारा यह जताना
कि तुम्हारा अधिकार है मुझ पर
कि तुम्हारे भिगोए हुए मन पे
बलिहारी मैं भी जाऊँगा !Fantasy
- तुझे ढूंढ़ता हूँ !प्रियम श्रीवास्तव · 1 min read · 17.2K readsअपनेआप को भूल प्रेमिका को ढूँढने की कोशिश करता है !
हर स्थान पर उसे ही तो ढूंढ़ता है।Fantasy
- बारातीSanjay Verma · 1 min read · 969 readsउगते फूल आमों पर आती बहारें
आमों की घनी छाँव तले
पशु- पक्षी बना लेते
शादी का पांडाल
ये ही तो है असल में
प्रकृति के बारातFantasy
- बरसो नाShailly Shukla · 1 min read · 28.6K readsटूटे ख़्वाबों के शीशे
फिर जुड़ने लगे हैं,
लू की थपेड़ों से
राहत मिली है,
देखो ज़रा फिर से
ठंडी हवा चली है !Fantasy
- जी चाहता हैDedicated to Youth Neeraj Singh · 1 min read · 27K readsतेरे नयनों के सागर में डूब जाने को जी चाहता है,Fantasy
- इज़हारSaket Shubham · 1 min read · 16.9K readsप्यार की इंतहा को दर्शाती कविता जिसमें खुद से अधिक प्रेमिका से प्रेम है।Fantasy
- हाउस हसबैंड यानि घरपतिanu harbola · 2 min read · 553 readsमेरी मम्मी और सभी की मम्मी
किसी ने निकाली नहीं आज तक एक आवाज़ कि
काम ज्यादा या मैं थक गई
पूरी ज़िदगी उनकी। .....Fantasy
- मैंने कहानी लिखीSwechchha Tomar · 1 min read · 28.7K reads'मेरी कहानी मैं तुम्हें महल नहीं मिट्टी के घर मिलेंगे,चबूतरे पर लकड़ी की चारपाई और कुछ लोग बेघर मिलेंगे।' एक सुंदर काल्पना।Fantasy
- इष्टShailly Shukla · 1 min read · 27.4K readsकि स्थूल से सूक्ष्म में परिवर्तित हो जाऊँ मैं,
कि रचना और रचयिता का भेद मिट जाए !Fantasy
- अच्छा होता !Shailly Shukla · 1 min read · 14.1K readsकुछ गाँव था, ताल-तलैय्या थे, कुछ वृक्ष थे मेरी झोली में
यादों में जो बह कर जाते तो अच्छा होता !Fantasy
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