- ययाति पुराण , भाग 94हरि शंकर गोयल "श्री हरि" · 12 min read · 520 readsतुम मेरी भोग्या हो इसलिए मेरे साथ मधु यामिनी मना सकती हो ।Classics
- ययाति और देवयानी,भाग 77हरि शंकर गोयल "श्री हरि" · 10 min read · 564 readsशुक्राचार्य समझ नहीं पा रहे थे कि देवयानी के मस्तिष्क में क्या चल रहा है ।Classics
- ययाति और देवयानी, भाग 69हरि शंकर गोयल "श्री हरि" · 10 min read · 560 readsशर्मिष्ठा कहने को तो मेरी सखि है परन्तु वह मुझसे बहुत ईर्ष्या करती है।Classics
- कुलद्रोहीप्रभात मिश्र · 14 min read · 580 readsलंका के प्रतिनिधियों और जनस्थान के निवासियों में संघर्ष बढ़ता ही जा रहा था।Classics
- ययाति और देवयानीहरि शंकर गोयल "श्री हरि" · 11 min read · 576 readsदेवयानी का मन बहलाने के लिए शुक्राचार्य उसे एक रमणीक स्थल पर लेकर चले गये।Romance
- ययाति और देवयानीहरि शंकर गोयल "श्री हरि" · 9 min read · 491 readsयशोधर्मा ने चीते की तरह छलांग लगाकर समस्त तरबूजों को आकाश में ही एक ही वार से काट दिया।Classics
- ययाति और देवयानीहरि शंकर गोयल "श्री हरि" · 10 min read · 483 readsमैं किसी निर्दोष पक्षी को मारकर अनावश्यक रूप से ऐसा पाप नहीं करना चाहता हूं।Classics
- ययाति और देवयानी ,भाग 51हरि शंकर गोयल "श्री हरि" · 15 min read · 443 reads"बजरंग दल वालो ने जबरन शादी करवा दी।"Classics
- ययाति और देवयानीहरि शंकर गोयल "श्री हरि" · 10 min read · 581 reads"पुत्री, अब तुम अपने को पवित्र करने के लिए तपस्या करो।"Classics
- ययाति और देवयानी ,भाग 7हरि शंकर गोयल "श्री हरि" · 9 min read · 540 readsवे यमुना के जल के अंदर समाधिस्थ थे तब अचानक उनके बदन से छूकर कुछ मत्स्य निकल गये।Classics
- अभिशाप बना वरदान भाग 3हरि शंकर गोयल "श्री हरि" · 12 min read · 560 readsउर्वशी अपनी संपूर्ण विधाओं से अर्जुन को सम्मोहित करने का प्रयास करने लगी ।Classics
- श्रावस्ती (भाग-1)अख़लाक़ अहमद ज़ई · 15 min read · 531 readsलक्ष्मण तथा शत्रुघ्न के पुत्रों के राज्य शीघ्र ही भंग हो गये।Classics
- चमत्कारNand Lal Mani Tripathi pitamber · 14 min read · 590 readsजिस समय कोबरा ने काटा है ठीक उसी समय यानी चौबीस घण्टे बाद तरुण पर विष का प्रभाव कम होने लगेगाClassics
- एक थी तात्रीVinita Shukla · 12 min read · 1.2K readsबिरादिरी के लिए वह इंसान ना होकर ‘साधनम’ हो गई।Classics
- बाहुबली और सिकंदर (अलेक्जेंडर)Dhan Pati Singh Kushwaha · 19 min read · 1.1K readsप्यार की भावना पूरे संसार में एक अनुकरणीय उदाहरण के रूप में युगों युगों तक अमर रहती है।Abstract
घरु
घरुsatish bhardwaj · 18 min read · 1.1K readsजब कभी इंसान मजहब और धर्म के नाम पर बटवारा करता है और उस बटवारे में भीड़ को उन्मादी नारों से पागल कर देता है, उस वक्त जो इतिहास का काला पन्ना लिखा जाता है ,उस पन्ने को पढ़ कर भिवष्य कभी शर्मिंदगी और कभी बेबसी के आसूं ही बहा सकता। ..बटवारें की दर्द भरी दास्तांTragedy- बाबू भाई पंड्याSuraj Prakash · 71 min read · 43.5K reads"मुझे तो डर है कि पिचासी साल की उमर में अगर उन्हें कुछ हो गया तो पता नहीं, अस्पताल के अहाते में रहते हुए भी उन्हें दवा की आखिरी खुराक भी मिलेगी या नहीं।"
मैं डॉक्टर भाटिया की बात सुनकर चुप रह गया हूँ। कई बार शब्द भी तो साथ नहीं देते।
शायद बाबू भाई पंड्या जैसे आदमी पर कहानी लिखी ही नहीं जा सकती। ऐसे लोग तो खुद जीती-जागती कहानियाँ रचते हैं।Classics
- उसके बाद .....?Upasna Siag · 15 min read · 44.5K readsआज वही गुड्डा हाथ में लिए सोच रहा था रणबीर , कि बेटी के इस बेजान गुड्डे लेने की जिद तो पूरी की लेकिन एक जीते -जागते गुड्डे की मांग पर उसने बेटी की जान ही ले ली ! सायरा ने अपना मन पसंद गुड्डा ही तो माँगा था जो उसे खुश रखता। और उसने क्या किया बेटी की ही जान ले ली ...!
"हाय ...! मेरी बच्ची, यह क्या किया मैंने ?" हाथ में गुड्डा ले कर भरे हृदय और सजल आँखों से सोच रहा था वह। Classics
- अपना घरौंदाJahnavi Suman · 17 min read · 89.3K readsआधुनिक जीवन शैली में ,विदेश में नौकरी समाज का अभिन्न अंग बन चुकी है। पुराने सामान की तरह बूढ़े माँ -बाप को भी अपने साथ विदेश ले जाना सम्भव नहीं। इसलिए उन्हें छोड़ दिया जाता है ,वृद्धा आश्रम में ,जहाँ उनका अतीत उन्हें जीने नहीं देता और अपनों से पुनः मिलने की इच्छा मरने नहीं देती। Classics
- गौ-हत्या Anwar Suhail · 20 min read · 44K readsवैसे भी दुनिया भर में ये बात कायम हो चुकी है कि मुस्लिम समाज एक बंद समाज है, दकियानूस है, प्रगति और विकास विरोधी है, अतीत-जीवी, प्रतिक्रियावादी और मूढ़ समाज है. इसके पास सारी दुनिया में कोई माकूल लीडरशिप नहीं है. ये आम तौर पर असभ्य, लडाकू, बेवफा, बदमिजाज होते हैं. फिर इस मुल्क में एक कबीर आये और उन्होंने कहा—“दिन में रोज़ा रखत हैं, रात हनत हैं गाय...” तो ये बात जगजाहिर हो गई कि मुसलमान गौ-मांस का सेवन करते हैं और गौ-हत्या करने वालों के साथ कैसा भाईचारा, इन लोगों पर कैसा विश्वास. अरे ऎसी कौम है ये जिसमें सत्ता पाने के लिए भाई की ह्त्या कर दी जाती है, बादशाह बाप को कैद में डाल दिया जाता है.
जबकि सामाजिक अध्ययन बताता है कि बीफ से सिर्फ देश का मुस्लिम वर्ग ही नहीं जुड़ा है. ईसाई, दलित भी इससे जुड़े हुए हैं. प्रोटीन का सबसे स्रोत है मुल्क में बीफ लेकिन राजनितिक ध्रुवीकरण ने इस बीफ की आड़ में मुस्लिम समाज को निशाना बनाने का काम सोची-समझी स्कीम के साथ किया.Classics
Loading…